पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे बना रनवे, वायुसेना ने दिखाया दमखम
सुल्तानपुर: भारतीय वायुसेना आज पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एक विशाल युद्धाभ्यास कर रही है। यह सैन्य अभ्यास अखलीकिरी करवत गांव के समीप स्थित 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप पर आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य आपातकालीन परिस्थितियों में राजमार्ग को रनवे के तौर पर इस्तेमाल करने की दक्षता को परखना है।
आसमान में फाइटर जेट्स का रोमांच
इस एयर शो में वायुसेना के कई दिग्गज विमान हिस्सा ले रहे हैं। इनमें सुखोई-30 MKI, जगुआर, मिराज-2000 और स्वदेशी तेजस जैसे फाइटर जेट शामिल हैं। इनके साथ ही, सी-295 और एएन-32 जैसे मालवाहक विमान भी इस ड्रिल का हिस्सा हैं। यह पूरा युद्धाभ्यास दो चरणों में रात 9 बजे तक संचालित होगा।
दोपहर 2:30 बजे जैसे ही एयर शो प्रारंभ हुआ, सबसे पहले सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने एक्सप्रेस-वे पर लैंडिंग की, जिसके बाद जगुआर ने उड़ान भरी। इसके बाद सुखोई और तेजस समेत 9 लड़ाकू विमानों ने टेकऑफ और लैंडिंग के करतब दिखाए। इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए स्थानीय लोगों का भारी जमावड़ा लगा हुआ है।
कड़ी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था
प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण अभ्यास के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं:
एक्सप्रेस-वे के 12 किलोमीटर के हिस्से को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
सुरक्षा के लिहाज से ट्रैफिक को 1 मई तक के लिए अन्य रास्तों पर डायवर्ट किया गया है।
हवाई पट्टी के चारों ओर 5 किलोमीटर का क्षेत्र प्रतिबंधित कर दिया गया है।
रणनीतिक महत्व: युद्धकाल में वैकल्पिक रनवे
यह युद्धाभ्यास देश की रक्षा तैयारियों की दृष्टि से बेहद अहम है। युद्ध के समय यदि मुख्य एयरबेस को क्षति पहुँचती है, तो ऐसे हाईवे वायुसेना की कार्यक्षमता को बनाए रखने में 'बैकअप' का काम करते हैं। इससे न केवल सैन्य तैनाती तेज होगी, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत सामग्री पहुँचाने में भी मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि 16 नवंबर 2021 को पीएम मोदी ने सुल्तानपुर से ही इस एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया था, जहाँ वे स्वयं हरक्युलिस विमान से इसी एयरस्ट्रिप पर उतरे थे। वायुसेना का लक्ष्य देश भर में ऐसे करीब 28 रणनीतिक स्थान विकसित करना है जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर हवाई पट्टी में बदला जा सके।

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