ईरान की चेतावनी: बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर निशाना साधने का संकेत
तेहरान | ईरान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर दबाव बढ़ाने की ओर इशारा किया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि तेहरान अपने विरोधियों पर दबाव बढ़ाने के लिए बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को भी निशाना बना सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य पर जारी समुद्री नाकाबंदी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर गहरा आर्थिक और लॉजिस्टिक दबाव बना रही है।गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई सवाल पोस्ट करते हुए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की कमजोरियों को उजागर किया। उन्होंने इस जलमार्ग पर दुनिया की निर्भरता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वैश्विक तेल, एलएनजी, गेहूं, चावल और उर्वरक शिपमेंट का कितना हिस्सा बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है?
गालिबाफ का इशारा बढ़ा रहा दुनिया की चिंता
ईरानी संसद के अध्यक्ष ने आगे कहा कि कुछ देश और कंपनियां इस रणनीतिक कदम से विशेष रूप से प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने पूछा, "किन देशों और कंपनियों का इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले शिपमेंट में सबसे अधिक हिस्सा है?" इससे यह संकेत मिलता है कि इस्लामिक गणराज्य अपने प्रभाव को अधिकतम करने के तरीकों का मूल्यांकन कर रहा है।
ईरान के जवाबी हमलों में नहीं आई कमी
यह समुद्री रणनीति युद्ध के मैदान पर बढ़ते तनाव के साथ मेल खाती है। ईरान और उसके सहयोगियों ने एक सतत जवाबी अभियान ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत हमलों क नई लहर शुरू कर दी है, जिसने कब्जे वाले क्षेत्रों के भीतर महत्वपूर्ण इस्राइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। यह हमले हाल की शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों की सीधी प्रतिक्रिया माने जा रहे हैं, जो क्षेत्रीय संघर्ष में एक महत्वपूर्ण वृद्धि का संकेत देते हैं।
ऊर्जा सुविधाओं और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप
ईरान का कहना है कि यह जवाबी कार्रवाई उन हमलों का भी जवाब है, जिनमें ईरान की ऊर्जा सुविधाओं और नागरिक बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाया गया। प्रेस टीवी ने बताया कि विरोधी ताकतों की पिछली कार्रवाइयों के कारण सैकड़ों ईरानी नागरिकों की मौत हुई थी, जिनमें मिनाब में एक प्राथमिक विद्यालय में लगभग 170 बच्चे शामिल थे।

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