बिहार की नई सरकार में मंत्रालयों का बंटवारा तय
पटना। बिहार में नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद आज यानी 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने सीएम पद की शपथ ले ली है. बिहार की राजनीति में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का कोई चेहरा सीएम बना है. चौधरी के साथ-साथ जेडीयू खेमे के दो नेताओं ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है. इसके अलावा अभी मंत्रिमंडल विस्तार का ऐलान नहीं किया गया है. ऐसे में सभी मंत्रालय तीनों मंत्री ही संभालेंगे। बिहार में अभी मंत्रिमंडल का ऐलान नहीं किया गया है. यही वजह है कि मंत्रियों के सभी विभाग और प्रभार फिलहाल सीएम सम्राट चौधरी और दोनों डिप्टी सीएम के पास ही रहने वाले हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को कुल मिलाकर 29 विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं, इनमें सबसे खास गृह विभाग है, जो नीतीश सरकार में भी सम्राट चौधरी के पास ही। डिप्टी सीएम विजय चौधरी को 10 विभागों की कमान सौंपी गई है. तो वहीं बिजेंद्र यादव को 8 विभाग दिए गए हैं. जब तक राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होता है. पूरे प्रदेश को यही तीन नेता चलाने वाले हैं. विभागों से जुड़े आदेश भी उन्हीं की तरफ से दिए जाएंगे।
किसे कौन सा मिला विभाग?
सीएम सम्राट चौधीर को सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, राजस्व एवं भूमि सुधार, खान एवं भू-तत्व, नगर विकास एवं आवास, स्वास्थ्य, विधि, उद्योग समेत कुल 29 प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी मिली है. वहीं विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन, संसदीय कार्य, सूचना एवं जन-सम्पर्क, भवन निर्माण, अल्पसंख्यक कल्याण, शिक्षा, विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण विकास, परिवहन, उच्च शिक्षा विभाग सौंपे गए हैं. बिजेंद्र यादव को ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, वित्त, वाणिज्य कर, समाज कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, ग्रामीण कार्य विभागों का काम सौंपा गया है।
कार्यभार संभालते ही एक्शन में चौधरी
बिहार की कमान अब सम्राट चौधरी के हाथों में आ चुकी है. शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने कार्यभार भी संभाल लिया है. इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ एक बैठक भी ली है. जिसमें उन्होंने कड़े निर्देश जारी किए हैं। बैठक में सम्राट चौधरी ने आदेश दिया है कि जो भी काम चल रहे हैं उन्हें दोगुनी स्पीड से किया जाए. इसके साथ ही समस्या का तेजी से निराकरण किया जाना चाहिए।
- अधिकारियों को आदेश दिया कि राज्य से भ्रष्टाचार खत्म करने को लेकर भी काम किया जाए. इसके लिए टॉलरेंस नीति पालन कठोरता से किया जाना चाहिए.
- सम्राट चौधरी ने आदेश दिया कि चाहे सीएम लेवल काम हो या फिर उसके नीचे काम हो. हर हाल में उसको पूरा करना ही हमारी जिम्मेदारी है. किसी भी काम को बीच में नहीं लटकाना है.
- मुख्यमंत्री ने अपनी पहली बैठक में कहा कि आम जनता को किसी भी तरह की सुविधा नहीं होनी चाहिए. इसके लिए प्रचांड से लेकर थाने में आम जनता की हर संभव मदद की जानी चाहिए.
- बिहार को विकसित और समृद्ध प्रदेश बनाने के लिए एकजुट होकर अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ काम करें. मतलब साफ है कि लापरवाही किसी भी हालत में नहीं चलेगी.
जल्द होगा बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार
बिहार में नई सरकार का गठन हो चुका है. अब ऐसा माना जा रहा है कि अगले एक से दो दिनों में मंत्रिमंडल का विस्तार भी किया जा सकता है. सबकी निगाहें इस बार होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी रहने वाली हैं. देखना होगा कि नीतीश कुमार के जाने के बाद अब सरकार में उनके कितने विधायकों को मंत्री बनाया जाता है. हालांकि दो डिप्टी सीएम बनाकर नीतीश ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भी किसी से कम नहीं हैं।

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