जबलपुर में शिकायतों के बाद प्रशासन सख्त, मनीष व्यास पर गिरी गाज
जबलपुर/भोपाल| मध्य प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए जबलपुर बाल कल्याण समिति (CWC) के अध्यक्ष मनीष व्यास को उनके पद से बर्खास्त कर दिया है। भोपाल स्थित वल्लभ भवन मंत्रालय से जारी आदेश के मुताबिक, यह कदम एक महिला सदस्य द्वारा अध्यक्ष के आचरण को लेकर की गई गंभीर शिकायत के बाद उठाया गया है।
महिला सदस्य के प्रति अमर्यादित व्यवहार का आरोप
जानकारी के अनुसार, समिति की सदस्य श्रीमती मेघा पवार ने अध्यक्ष मनीष व्यास के खिलाफ मोर्चा खोला था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि व्यास का व्यवहार महिला सदस्यों के प्रति अशोभनीय और अमर्यादित है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इसकी जांच रांझी एसडीएम से कराई। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि अध्यक्ष का रवैया पद की गरिमा के अनुकूल नहीं था और महिला सदस्यों के प्रति उनका व्यवहार असंयमित पाया गया।
प्रशासनिक स्पष्टीकरण और विभाग की सख्ती
कार्रवाई से पहले विभाग ने मनीष व्यास को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर उनका पक्ष रखने का मौका दिया था। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई सुनवाई में व्यास ने इन आरोपों को केवल 'प्रशासनिक मतभेद' करार दिया। हालांकि, विभाग ने गवाहों के बयान, सबूतों और जांच रिपोर्ट का गहन अध्ययन करने के बाद पाया कि उनका आचरण किशोर न्याय नियमों और समिति की आचार संहिता का उल्लंघन है।
तत्काल प्रभाव से पदमुक्त
विभाग ने माना कि अध्यक्ष के रूप में उनकी कार्यशैली जिम्मेदारी के अनुरूप नहीं थी। इसके परिणामस्वरूप, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की कानूनी धाराओं के तहत उन्हें पद से हटा दिया गया है। गौरतलब है कि मनीष व्यास को 24 अक्टूबर 2024 को ही इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्हें विवादों के चलते बाहर कर दिया गया।

राजगढ़ में पेट्रोल पंप पर बड़ा हादसा: आग के गोले में बदला टैंकर, 13 लोग झुलसे
महाकाल मंदिर पहुंचीं एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया, भस्म आरती में डूबीं भक्ति भाव में
फ्रिज के ऊपर भूलकर भी न रखें ये 5 चीजें, घर में बढ़ सकती है कलह और तनाव
क्या सच में 48 घंटे में असर करता है नीलम? जानिए रत्नों से जुड़ी मान्यताएं
आचार्य चाणक्य ने बताया महिलाओं की सबसे बड़ी ताकत क्या होती है
