पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के दौरान ममता बेनर्ज़ी के बयान पर विधायक रामेश्वर शर्मा की प्रतिक्रिया -
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पश्चिम बंगाल की जनता, किसानों और मजदूरों ने की TMC शासन के खिलाफ खुली बगावत"
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"मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति ने बंगाल के मूल निवासियों को बनाया बेघर, अब परिवर्तन का संकल्प"
- "वंदे मातरम और महापुरुषों के सपनों का 'अच्छे हिंदुस्तान' के लिए बंगाल का एक-एक नागरिक तैयार"
- जब आदमी हारता है तो खिसियाता है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का हालिया बयान उनके अंदर समाए हार के डर और भय का परिणाम है।
भोपाल : पश्चिम बंगाल की धरती, वहां के बेटा-बेटियों, नौजवानों, माताओं-बहनों, किसानों और मजदूरों ने वर्तमान शासन के खिलाफ अब खुलकर बगावत कर दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, गृह मंत्री अमित शाह जी , राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जी सहित भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता ने बंगाल की जनता के लिए अत्यधिक परिश्रम किया है।
बंगाल का आम नागरिक आज 'वंदे मातरम', नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सपनों, श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 'अच्छे हिंदुस्तान', रामकृष्ण परमहंस की प्रेरणा और स्वामी विवेकानंद के हिंदुत्व के संकल्प के साथ खड़ा है।
दीदी' ने बहुत अधिक मुस्लिम तुष्टिकरण किया है। मुसलमानों को गले लगाकर अपने ही हिंदुस्तानियों के घर जलवा दिए, उन्हें बेघर किया और भारत माता की जय बोलने वालों की नृशंस हत्याएं कीं।
हर हत्या और बहा हुआ खून आज यह पुकार रहा है कि ऐसा राज नहीं होना चाहिए जो नागरिक की सुरक्षा में दखल दे या उसे बर्बाद करे।
गंगा में उठ रही लहरें हारने वालों के लिए तूफान हैं, लेकिन यह पश्चिम बंगाल के विकास और भविष्य के लिए प्रगति का संकेत हैं। राज वही होना चाहिए जो सबको आनंद में जीने का अवसर दे।

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